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Sinhauli Koiripur Sultanpur Uttar Pradesh 222301
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🕉️ ध्यान मूल गुरु रूप है 🙏 पुजा मूल गुरु पांव 🌼   मंत्र मूल गुरु वचन है 📿 मोक्ष मूल सद्‌भाव ✨

सत्य समदर्शी कविराज दास

गद्दीधीश- सत्यधाम आश्रम

सत्यधाम आश्रम के संस्थापक सद्गुरु सत्य समदर्शी कविराज दास जी एक अद्वितीय संत, दार्शनिक और योग साधक हैं जिन्होंने जीवन को सत्य, ज्ञान और सेवा के मार्ग से जोड़ने का संदेश दिया। उनका उद्देश्य हर व्यक्ति के भीतर छिपी दिव्यता को जाग्रत करना है ताकि वह स्वयं के साथ-साथ समाज और मानवता के कल्याण में योगदान दे सके। उन्होंने अपने जीवन को कबीर दर्शन, सुरत योग, प्राणायाम और सद्ज्ञान के प्रसार के लिए समर्पित किया है।

सत्यधाम आश्रम

सिंहौली, कोइरीपुर, सुलतानपुर

सत्यधाम आश्रम, सिंहौली, कोइरीपुर, सुलतानपुर (उत्तर प्रदेश) में स्थित एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मानवीय संस्था है, जिसकी स्थापना का उद्देश्य मानव जीवन को सत्य, सद्ज्ञान, साधना और सेवा के मार्ग से जोड़ना है। सद्गुरु सत्य समदर्शी कविराज दास जी के मार्गदर्शन में यह आश्रम कबीर दर्शन पर आधारित जीवन मूल्यों का प्रचार करता है, जहाँ सुरत योग, शब्द-सुरति योग, ध्यान, प्राणायाम, योग एवं सत्संग के माध्यम से व्यक्ति को आत्मबोध और आंतरिक चेतना की अनुभूति कराई जाती है। सत्यधाम आश्रम यह विश्वास करता है कि प्रत्येक मानव के भीतर दिव्यता और सत्य का प्रकाश विद्यमान है, जिसे जाग्रत कर व्यक्ति न केवल स्वयं के जीवन को सार्थक बना सकता है, बल्कि समाज और मानवता के कल्याण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। यह आश्रम एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ सामाजिक सेवा, मानवीय सहयोग, नैतिक मूल्यों के प्रसार और विश्व कल्याण की भावना को सुदृढ़ करने हेतु निरंतर कार्यरत है, जिससे व्यक्ति का सर्वांगीण विकास हो सके और सत्य, करुणा एवं सेवा पर आधारित एक जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके।

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सत्यधाम आश्रम के मूल स्तंभ

जिन पर सत्यधाम आश्रम की संपूर्ण साधना और सेवा आधारित है

साधना

सुरत योग, ध्यान, प्राणायाम और सत्संग के माध्यम से आत्मबोध की ओर मार्गदर्शन।

सेवा

मानव सेवा को ही ईश्वर सेवा मानते हुए समाज के उत्थान हेतु निरंतर प्रयास।

सद्ज्ञान

कबीर दर्शन एवं सत्य ज्ञान के माध्यम से विवेक और चेतना का जागरण।

सत्यधाम आश्रम

सत्य • साधना • सेवा का पावन केंद्र

सत्यधाम आश्रम, सिंहौली, कोइरीपुर, सुलतानपुर में स्थित एक आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मानवीय चेतना का केंद्र है, जिसकी स्थापना सद्गुरु सत्य समदर्शी कविराज दास जी द्वारा की गई। यह आश्रम केवल एक भौतिक स्थान नहीं, बल्कि आत्मबोध, सद्ज्ञान और मानव कल्याण की जीवंत साधना भूमि है।

सत्यधाम आश्रम का मूल उद्देश्य मानव जीवन को सत्य, ज्ञान, करुणा और सेवा के मार्ग से जोड़ना है। यहाँ यह विश्वास किया जाता है कि प्रत्येक मानव के भीतर दिव्यता का एक प्रकाश छिपा है, जिसे जाग्रत कर व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ समाज और मानवता के उत्थान में योगदान दे सकता है।


आध्यात्मिक साधना और दर्शन

सत्यधाम आश्रम में कबीर दर्शन को जीवन का आधार माना जाता है। कबीर साहब के निर्गुण सत्य, आडंबर-रहित भक्ति और आत्मज्ञान के संदेशों को आधुनिक जीवन के संदर्भ में सरल और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

यहाँ सुरत योग, प्राणायाम, ध्यान एवं योग के माध्यम से साधक को अंतर्मुखी यात्रा की ओर प्रेरित किया जाता है, जिससे वह मन, प्राण और चेतना के संतुलन को प्राप्त कर सके। नियमित सत्संग आत्मिक शुद्धि और विवेक जागरण का प्रमुख माध्यम है।


सेवा और सामाजिक उत्थान

सत्यधाम आश्रम का दर्शन केवल साधना तक सीमित नहीं है। सेवा को ही साधना मानते हुए आश्रम समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्ग के लिए निरंतर कार्य करता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य, अन्नदान, वस्त्र वितरण एवं मानवीय सहयोग के विभिन्न माध्यमों से आश्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करता है। यहाँ प्रत्येक सेवाकार्य को ईश्वर सेवा और मानव सेवा के रूप में स्वीकार किया जाता है।


जीवन दर्शन

सत्यधाम आश्रम का जीवन दर्शन अत्यंत सरल, स्पष्ट और सार्वभौमिक है —

  • सत्य का आचरण ही सच्ची साधना है
  • ज्ञान बिना अनुभव अधूरा है
  • सेवा के बिना साधना निष्फल है
  • आत्मबोध से ही विश्व कल्याण संभव है

सत्यधाम आश्रम हर उस साधक, जिज्ञासु और सेवाभावी व्यक्ति के लिए खुला है जो जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझना चाहता है और सत्य के मार्ग पर चलकर आत्मिक शांति एवं सामाजिक समरसता की स्थापना करना चाहता है।

सत्य • साधना • सेवा

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